sudesh zakhmi
Friday, February 28, 2014
प्यार करता हूं मैं तुमसे
मुक्तक
प्यार करता हूं मैं तुमसे मगर मैं कह नहीं सकता।
चाहकर दूर भी तुमसे मगर मैं रह नहीं सकता।।
मैंने माना तू है नदिया,और मैं तो किनारा हूं—
मैं चाहूं भी अगर तो साथ तेरे बह नहीं सकता।।
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